– खरीद-बिक्री पर रोक: कोई भी गैर-आदिवासी व्यक्ति, किसी आदिवासी की जमीन नहीं खरीद सकता।
– थाने की सीमा: आदिवासी अपनी जमीन सिर्फ अपने ही थाना क्षेत्र के दूसरे आदिवासी को बेच सकता है, वह भी DC (उपायुक्त) की लिखित अनुमति के बाद।
– जमीन वापसी (धारा 71-A): अगर किसी ने धोखे या फर्जीवाड़े से आदिवासी की जमीन हड़पी है, तो DC को उस जमीन को वापस असली मालिक को दिलाने का पूरा अधिकार है।
– लोन सुरक्षा: कोई भी साहूकार या प्राइवेट बैंक कर्ज के बदले आदिवासी की जमीन नीलाम या जब्त नहीं कर सकता।