🚒 झारखण्ड का उभरता व्यावसायिक और लाजिस्टीक हब 

रांची, झारखण्ड की राजधानी,अपनी बडती अबादी और शहरीकरण के साथ कई चुनौतियो का सामना कर रही है। इनमे से सबसे बडी चुनौती है शहर के भितर भारी वाहन की बेरोकटोक अवाजाही जिससे ट्राफिक जाम, प्रदूषण और सडक दुर्घटनाये आम हो गई है इसी समस्या का समाधान करने के लिये , रांची मे एक महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार किया गया है, ट्रांसपोर्टनगर रांची के रुप मे ।

परियोजना की कुल लागत:-  112.36 करोड

कुल छेत्रफल:-  64एकड

1. लोकेशन और पहंच

यह काकें रिंग रोड, ITBP केंप के पास बनाया जा रहा है।  इसको इस तरह चुना गया है कि यह राष्‍ट्रीय राजमार्गो (NH) और राज्य राजमार्गो से सीधे जुडा हुआ है ,जिससे माल की ढुलाई तेज और सुगम हो सके।

रांची स्टेशन से दूरी‌‌-14 Km

2. स्थापना का उधेश्य

ट्रांसपोर्टनगर का मुख्य उधेश्य शहर के भीतर फैले ट्रांसपोर्ट और ट्रक स्टैंड को एक व्यवस्थित स्थान पर एकत्र करना है । इससे-

  • शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा ।
  • लाजिस्टिक सेक्टर को बेहतर सुविधा मिलेगी।
  • व्यापारियों को गोदाम और पार्किंग की पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी ।

3.मुख्य सुविधाएं

बडा पार्किंग एरिया : (Phase 1+Phase2 ) कुल 680 वाहनों के लिये ।16 ऑफिस रुम180- बेड डॉरमेट्री150 सीटों वाला फूड कोर्ट17 रिटेल शॉप2 वेटब्रिज ( तौल कांटा )पुलिस चौकी और हेल्थ सेंटरसर्विस स्टेशन और वर्कशॉप

4.आर्थिक और सामाजिक लाभ 

  • स्थानीय युवाओ के लिये रोजगार के अवसर।
  • ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स उधोग को बढावा।
  • व्यापारिक गतिविधियों मे वृद्धि ।
  • शहर में प्रदूशण और भीड्भाड में कमी।

निश्कर्श :

ट्रांसपोर्टनगर रांची न केवल परिवहन 

क्षेत्र के लिए ,बल्कि पुरे राज्य की आर्थिक प्रगति के लिये एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।  सही प्रबंध और योजनाबद्ध विकास के साथ यह स्थान झारखंड का सबसे बडा व्यावसायिक और लॉजिस्टिक केंन्द्र बन सकता है ।

झारखंड के 10 आने वाले बड़े प्रोजेक्ट

 1. रांची स्मार्ट सिटी – 

रांची स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट जल्द ही धुरवा मे तैयार हो रहा है 656 एकड़ भूमि पर यह स्मार्ट सीटी देखने को मिलगा 

 मुखिए विशेषताए –

  • पूरे शहर मे CCTV निगरानी और स्मार्ट कंट्रोल सेंटर होंगे l 
  • आधुनिक शिक्षण संस्थान , 
  • 24×7 बिजली पानी, चिकित्सा व्यवस्था की उपलबदता होगी 
  •  लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत 10800 आवासों का निर्माण किया गया है । 

2. रांची मेट्रो परियोजना –

  • दिल्ली, बॉम्बे, कोलकत्ता जैसे बड़े शहरों की तरह बहुत जल्द राँची मे भी मेट्रो ट्रेन चलने वाला है।  झारखंड सरकार ने झारखंड मे बड़ते ट्राफिक के कारण झारखंड के तीन बड़े शहरों रांची,धनबाद, जमशेदपुर मे मेट्रो ट्रेन के लिए केंद्र सरकार को CMP,भेजा हैl 
  • नगर विकास विभाग ट्रांजिट कॉरीडोर तैयार कर रहा है जुड़को(JUIDCO) के द्वारा सर्वे के बाद विसरित परियोजना रिपोर्ट (DPR)तैयार की जाएगी । 
  • इसका स्वमीत्व और संचालन झारखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेसॉन (JMRC) के पास होगा । 

3. रांची  एयरपोर्ट विस्तारीकरण –

https://www.prabhatkhabar.com/state/jharkhand/ranchi/land-will-be-available-soon-for-expansion-of-ranchi-airport
  • आधुनिक विशेषताओ के साथ रांची एयरपोर्ट बनकर लगभग तैयार है इसमे मुखिए रूप से -रनवे का  विस्तारीकरण , चेक इन काउंटरों की संखिया 14 से बड़ाकर 37 की जाएगी है। 
  • रनवे की लंबाई 2748 मीटर से बड़ाकर 3655मीटर तक की जाएगी। 
  • बड़े रनवे से बड़े आकार के विमानों का परिचालन संभव हो सकेगा। 
  • नई रूट और कोनेक्टिविटी भुनेशवर, अयोध्या, जयपुर जैसे नई शहरों की लिए सेवा उपलब्ध की जाएगी नई उड़ान की सुविधा जैसे- आकाश एयरलाईनश के जुडने की संभावना है ।    

4.  जमशेदपुर मांगों फ्लाइओवर –

  • यह फ्लाइओवर  लगभग 461 से 542 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है इसकी कुल लंबाई 2.8 किलोमीटेर है , पूरा होने का समय फ़रवरी 2026 मे रखी गई है । 
  • कुल 57 पिलर मे से लगभग सभी का निर्माण पूरा हो चुका है । 
  • डिजाइन मे बदलाव -स्थानीय लोगों के मांग पर पायल सिनेमा के पास डिजाइन मे बदलाओ कर इसे दो लाइन का बनाया जा रहा है । 

5. रांची रेल्वे स्टेशन पुनर निमर्माण –

  •  स्टेशन को 447 करोड़ की लागत से विश्व स्थिरिये वर्ल्ड क्लास बनाया जा रहा है g+2 का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है जिसमे आधुनिक फार्स और एलेक्ट्रिकल फिटिंग मोजूद होगी । 
  • जनवरी 2026 मे स्टेशन का साउथ गेट खोल दिया जयाएगा । 
  • आधुनिक सुविधाये 2500 यात्रियों के क्षमता वाला फूड प्लाजा मौजूद होगी ,17 लिफ्ट और 19 एस्कलेटेर मौजूद होगा , यात्रियों के ठहरने के लिए 100 रिटायर्ड रूम मौजूद होगा , मल्टीलेवल पार्किंग और एयर -कडीशंड वैटिंग हाल उपस्थित होगा  

6. रायपुर- धनबाद इकनॉमिक कॉरीडोर(EC-7)

  • जिसे रायपुर -रांची-धनबाद एक्सप्रवे के नाम से भी जाना जता है इस कुल लंबाई 707 किलोमीटेर होगी 4-लेन का एक्सेस कंट्रोल है ग्रीनलैंड  एक्सप्रवे है जो छतीशगढ़ -झारखंड से होकर गुजरता है । 
  • इस परियोजना का कुल लागत 18000 करोड़ है , यह पारीयोजना का उधेसये मध्य -पूर्वी भारत के औधोगिक विकाश और कननेक्टिविटी को बड़वा देना  है। 
  • यह रायपुर बिलाशपुर कोरबा और जसपुर रांची बोकारो धनबाद जैसे बड़े औधोगिक सहरों को जोड़ने का काम करता है । इस परियोजना के पूरा होने से रायपुर और धनबाद के बीच यात्रा का समय 12 -15 घंटे से घटकर 6-8 घंटे रह जायगा । 

7. साहिबगंज-मनिहारी गंगा ब्रिज:

  • यह पूल झारखंड के साहिबगंज को बिहार के कटिहारी  जिले से जोड़ती है पल की कुल लंबाई लगभग 6 किलोमीटेर है लिकीन अप्रोच रोड के साथ कुल लंभाई 21.5 किलोमीटेर है 
  • इस परियोजना की कुल लागत 1977 करोड़ रुपए है 
  • इस परियोजना का निर्माण दिलीप बिल्डकोने ने किया है 
  • यह पूल झारखंड का पहला गंगा पल है । 
  • इससे पूर्वतर भारत झारखंड , बिहार , और बंगाल के बीच आवागमन आसान और तेज हो जाएगा । 

8.  कोडरमा कोल टार डिस्टिलेशन प्लांट

  • कोडरमा मे एक नया कॉल टार डिस्टिलसन प्लांट स्थापित करने की योजना है जिसे कोडरमा पेटोकेमिकल्स द्वारा झुमरीटेलेईया के गुमो मे 750 मिलियन की लगत से बनाया जा रहा है। 
  •  जिसका लक्ष्य कोल टार पिच , नेफ्थलीन और एंथ्रासीन ऑइल जैसे उत्पादो का उत्पादन करना है । यह प्लांट पर्यावरण मंजूरी के अधीन है और इसका निर्माण जुलाई-दिसम्बर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है । 
  • और यह कोंडरमा के खनिज -समर्द्ध क्षेत्र मे एक बड़ा ओधोगिक कदम है , जो एतिहासिक रूप से अभ्रक के लिए जाना जाता है ।  

9. चंद्रपुरा सुपर क्रिटिकल प्लांट (बोकारो )

  • लगभग 21000 करोर की लागत वाला यह 1600 मेघावट वाला क्षमता का पावर प्लांट है ।  
  • इसका निर्माण 2026-27 तक पूरा होने की संभावना है । 
  • यह प्रोजेक्ट दामोदर वेली कोरपोरेसन (DVC)और कोल इंडिया लिमेटेड (CIL)के रणनीतिक सजेदारी के तहत  विकसित किया जा रहा है । 

10. पलमा (गुमला ) फॉर लेन  एक्सप्रसवे 

  • NH-23 के पलमा से गुमला तक लगभग 63 किलोमीटेर का मार्ग है । 
  • इस मार्ग के बनने से गुमला , लोहरदगा , सिमडेगा ,और राऊरकेला जैसे क्षेत्रों की राजधानी रांची से दूरी कम

हो जाएगी । 

  •  यह मार्ग 4 लेन मार्ग होगी।
  • यह, छतीसगड़ , उड़ीसा , मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को जोड़ने वाले यातायात के लिए भी फायदेमंद है , जिससे इस मार्ग पर भीड़ और दुर्घटनाए कम हुई है